DEMAT ACCOUNT stock market

Demat  क्या होता है.

. DEMAT का फुल्फोर्म DEMATERIALISED होता है.
. DEMATERIALISED का अर्थ भौतिक रूप में नही होना होता है.
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DEMAT अकाउंट क्या होता है.

. स्टॉक मार्केट के संबंध में DEMAT ACCOUNT का काम ऐसे ACCOUNT और LOCKER के रूप में किया जाता है, जहाँ स्टॉक मार्केट से ख़रीदे गए शेयर्स को रखा जाता है.

. DEMAT ACCOUNT का प्रयोग बैंक अकाउंट जैसा किया जाता है, जिस तरह बैंक अकाउंट में पैसे रखे जाते है, उसी तरह DEMAT ACCOUNT में सिर्फ शेयर्स खरीद कर रखे जाते है, जब हमलोग शेयर्स बेचते है, तो शेयर्स हमारे DEMAT ACCOUNT से निकल कर खरीदने वालो के DEMAT ACCOUNT में जमा हो जाता है.
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. DEMAT ACCOUNT किसी आनाज रखने वाले गोदाम की तरह है,जहाँ ख़रीदा गया सामान को रखा जाता है, और बेचने पर निकलकर खरीदने वालो को दे दिया जाता है.

DEMAT ACCOUNT का इतिहास 

. भारत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज  ने वर्ष 90 के दशक से शेयर्स को DEMAT ACCOUNT यानि ONLINE रखने  का प्रबंध किया गया है.

. 90 के दशक के पहले जब शेयर्स खरीदने के लिए ONLINE का प्रयोग नही होता था तब हम जो भी शेयर्स खरीदते थे, वो शेयर्स हमे शेयर् बाज़ार द्वारा पेपर के रूप में दिया जाता था, जिसमे बहुत अधिक  समय लग जाता था, साथ साथ शेयर्स के रूप में जो पेपर दिया जाता था उसको संभाल कर रखना भी एक कठिन काम था, हमेशा डर बना रहता था कही पेपर खो न जाए.

. अगर किसी के पास पुराने ज़माने के शेयर्स पेपर रखे हुए है, यानि कोई शेयर्स अगर अभी भी फॉर्म में है, तो उस शेयर्स को खरीदने या बेचने से पहले उसे ONLINE प्रक्रिया में  बदलना जरुरी है. ऐसा नही करने पर आप शेयर्स खरीद या बेच नही सकते.

DEMAT ACCOUNT के फायदे 
. शेयर्स को DEMAT ACCOUNT में रखना लाभ ही लाभ है.
. शेयर्स को होल्ड करने यानि रखने का एकदम आसन और सुविधाजनक तरीका.
जिस तरह बैंक में पैसे सुरक्षित रहते है उसी तरह DEMAT में शेयर्स सुरक्षित रहते है,
. शेयर्स खरीदने या बेचने पर एकदम आसान प्रक्रिया हो जाना,
. जीरो पपेर वर्क  
. सभी तरह के TAX COST फीस नही के बराबर हो जाना.
. शेयर्स का आसानी से लेन देन हो जाना.
. आप कहीं भी रहते है शेयर्स खरीद और बेच सकते है सिर्फ इन्टरनेट सुबिधा होनी चाहिए.

DEMAT ACCOUNT के नुकसान 
. अगर DEMAT ACCOUNT के लाभ है, तो कुछ नुकसान भी है.
. आप कभी नही जान सकते की शेयर किस से ख़रीदा है, केवल यह जान सकते है की शेयर्स किसके द्वारा ख़रीदा है.
. आप कभी नही जान सकते की शेयर किसे बेचा है, सिर्फ यह जान सकते शेयर्स किसके द्वारा बेचा है.

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